अजीम प्रेमजी फाउंडेशन रुद्रपुर में भगत सिंह शहादत दिवस पर शिक्षा में तार्कितकता, वैज्ञानिकता, लोकतांत्रिकता बढ़ाने पर दिया जोर

 

रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड)। अमर शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस पर आयोजित परिचर्चा में भगत सिंह को पढ़ने और उसकी तरह समाज में वैज्ञानिकता, तार्किकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय ((गांधी कालोनी)) स्थित टीचर्स लर्निंग सेंटर में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा आयोजित परिचर्चा में अमर शहीद भगत सिंह को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उनको 23 साल की आयु में फांसी की सजा दे दी गई। इतनी कम आयु में उन्हें समाज, राजनीति और व्यवस्था की बहुत अच्छी समझ थी। वक्तााअें ने कहा कि भगत सिंह को हमें न सिर्फ स्वयं पढ़ना चाहिए बल्कि अपने बच्चों को भी भगत सिंह का लिखा पढ़ाया जाना चाहिए। हमें एक तार्किक, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक गुणों से परिपूर्ण समाज बनाने में गंभीरता से अपना योगदान देना चाहिए। इसके लिए बहुत कम समय देकर भी शुरुआत की जा सकती है। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह के विचारों को अपना कर हम तमाम सामाजिक, राजनीतिक और व्यवस्था की समस्याओं से निजात पा सकते हैं। वक्ताओं ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में तार्किकता, वैज्ञानिकता, लोकतांत्रिक तथा मानवीय सोच को बढ़ाए जाने की जरूरत है।
यहां भगत सिंह के विभिन्न लेखांें की चर्चा की गई।
परिचर्चा में अश्विनी पाटिल, अमित चंद्रा, अर्श, एपी भारती, गोपाल गौतम, बाबा सिंह आदि ने प्रतिभाग किया।

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