बंगाल में भाजपा की बदमाशी – सारी नैतिकता ताक पर – चुनाव आयोग और सिस्टम का मनमाना दुरुपयोग !

 

कोलकाता। भाजपा ने चुनाव जीतने और पूरे सिस्टम पर कब्जा करने के लिए सारी नैतिकता को ताक पर रख दिया है। चुनाव आयोग और पूरे सिस्टम का मनमाना दुरुपयोग किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने तो यह भी आरोप लगाया है कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की वर्दी में आरएसएस के कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल के चुनाव में उतारा गया है। भाजपा और आरएसएस लंबे समय से बंगाल में हिंसा और नफरत बढ़ाने की परियोजना चला रहे हैं। हवाला के जरिए बीजेपी पर पैसे पहुंचाने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा, बीजेपी ने चुनाव आयोग के नाम पर राज्य के प्रशासन पर नियंत्रण कर लिया है। कोलकाता और बिधाननगर के पुलिस कमिश्नरों को बदलकर उन्होंने अपने लोग बैठाए हैं। अगर मेरे पुलिस कमिश्नर यहां तैनात रहते तो वे बीजेपी को करोड़ों रुपये की तस्करी करने से रोकते।
मंगलवार को ममता बनर्जी ने कोलकाता और बिधाननगर के पुलिस कमिश्नरों को शहर में अवैध रूप से आ रहे पैसे को जब्त करने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों को लेकर आ रही गाड़ियों के जरिए बीजेपी के उम्मीदवारों को पैसे की सप्लाइ हो रही है। बीजेपी पर बंगाल में हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा, श्यहां तक कि मामूली बीजेपी नेता जिनके खिलाफ पुलिस में कई केस दर्ज हैं वे आठ ब्लैक कैट कमांडो लेकर घूम रहे हैं और पैसे पहुंचा रहे हैं।
ममता ने कहा, मैंने 8 लोकसभा चुनाव और दो विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन मैंने कभी इतनी बड़ी मात्रा में बंगाल में पैसों का इस्तेमाल नहीं देखा। पहले ऐसा पूर्वोत्तर में होता था। अब में बंगाल में ये सब देखकर हैरान हूं। मैंने अपने पार्टी नेताओं से कहा है कि वे चुनाव आयोग से इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
ममता ने कहा, बीजेपी के पक्ष में वोट डलवाने के लिए वे (बीजेपी) सेंट्रल फोर्स का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बदमाशों को हायर किया है और सीपीएम के काडर को भी पैसे का लालच देकर अपने साथ लिया है। लेकिन तब भी वे दोबारा सत्ता हासिल नहीं कर पाएंगे।
अमित शाह के रोड शो में गड़बड़ी की शुरुआत शाम 6.20 पर हुई जब शाह कलकत्ता यूनिवर्सिटी के गेट के पास पहुंचे। इस दौरान जब तृणमूल छात्र परिषद के समर्थकों ने उन्हें काले झंडे दिखाए तो धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई। लेकिन पुलिस ने तेजी से हालात पर काबू पा लिया। इसके ठीक 10 मिनट के अंदर विद्यासागर कॉलेज के सामने पत्थर फेंका गया। इसके बाद कुछ कथित बीजेपी समर्थकों ने दो मोटरसाइकल और एक साइकल फूंक दी। यहां से हिंसा तेजी से फैलनी शुरू हुई। पुलिसकर्मियों को एक-दूसरे से भिड़ रहे दोनों पार्टियों के समर्थकों पर काबू पाने में काफी मुश्किल होने लगी।
एक बीजेपी कार्यकर्ता का कहना है, जब बीजेपी अध्यक्ष कॉलेज से आगे निकल गए तो उन्होंने रोड शो में पीछे चल रहे लोगों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। हम यह सब ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर सकते थे। हमने इसके बाद उनका पीछा किया। गुस्साए बीजेपी समर्थकों ने विद्यासागर कॉलेज के रिसेप्शन कार्यालय में तोड़फोड़ की। इसके बाद युवकों के एक समूह ने कॉलेज के क्लासरूम के दरवाजों को निशाना बनाया, जहां कुछ स्टूडेंट्स ने खुद को अंदर बंद कर लिया था।
इनमें से कुछ उग्र लोगों के समूह ने बंद खिड़कियों पर पत्थर फेंके और कॉलेज कैंपस में खड़ी दो मोटरसाइकलों को सड़क पर लाकर फूंक दिया। कॉलेज के एक पूर्व छात्र अभिषेक मिश्रा का कहना है, बीजेपी की रैली हमारे कॉलेज से आगे बढ़ रही थी। इस दौरान कुछ समर्थक तृणमूल का झंडा देखकर भड़क उठे और दौड़ा लिया। जब मैंने उन लोगों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने मेरे सिर पर रॉड से हमला किया।
कॉलेज प्रिंसिपल गौतम कुंडू का कहना है, कॉलेज की प्रशासनिक टीम के सदस्य देबाशीष कर्माकर हिंसा के वक्त कॉलेज के अंदर काम कर रहे थे। उपद्रवियों ने उनसे पेपर छीन लिए और उनका लैपटॉप भी तोड़ दिया।

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