टाइपिंग की आवाज से हैकर्स जान सकते हैं आपका पासवर्ड !

 

नई दिल्ली। कोई भी मशीन और तकनीक आदमी अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकता है। तकनीक में दिमाग लगाने वाले ही तकनीक को उन्नत करते हैं। यह अलग बात है कि तकनीक और अपनी मेधा का दुरुपयोग भी इनसानी फितरत है। हैकर्स हैकिंग के लिए आए दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सालों तक फिशिंग और ब्रूट फोर्स अटैक्स के जरिए ठगी करने के बाद अब हैकर साउंडवेव्स से हैकिंग को अंजाम दे रहे हैं। आइए जानते हैं कि कैसे हो रही साउंडवेव्स के जरिए हैकिंग और क्या है इससे बचने का तरीका।
स्मार्टफोन के कीबोर्ड पर जब आप टाइप करते हैं, तो उससे एक साउंडवेव निकलती है। टाइपिंग के दौरान स्क्रीन पर पड़ने वाला हर स्ट्रोक अलग-अलग तरह के वाइब्रेशन पैदा करता है। इन वाइब्रेशन्स को कानों से सुन पाना मुश्किल होता है। हैकर्स आपके द्वारा की जाने वाली टाइपिंग की साउंडवेव्स को ऐप्स की मदद से सुन लेते हैं। रीसर्चर्स ने बताया कि इन साउंडवेव्स को खास ऐप्स और ऐल्गोरिदम से सुना और डीकोड किया जा सकता है।
रीसर्चर्स ने 45 लोगों को मैलवेयर वाले स्मार्टफोन इस्तेमाल करने को दिया। यह मैलवेयर एक ऐप के अंदर मौजूद था। इसके बाद इन लोगों को अलग-अलग आवाज वाली जगहों पर खड़ा करके फोन में टेक्स्ट एंटर करने को कहा गया। टाइपिंग के दौरान पाया गया कि मैलवेयर वाले ऐप ने हर कीस्ट्रोक से पैदा होने वाले वेव्स को आसानी के रिकॉर्ड लिया था। साउंडवेव्स के रिकॉर्ड होने के बाद रीसर्चर्स की टीम ने मशीन लर्निंग ऐल्गोरिदम से इसे डीक्रिप्ट कर लिया।

फेसबुक या कहीं भी शेयर करो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp

फेसबुक या कहीं भी शेयर करो