पत्नियों/ महिलाओं से पीड़ित पुरुषों को भी कानूनी मदद की दरकार !

 

मुंबई। अब भारी संख्या में महिलाएं पुरुषों पर यौन शोषण के आरोप लगाकर उन्हें परेशान कर रही हैं। इस समस्या से समाज से लेकर अदालत तक हर जगह महसूस की जा रही है। महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण को बहुत से कानूनी प्रावधान हैं लेकिन पीड़ित पति या पुरुष के संरक्षण को कोई कानून नहीं है। भारी संख्या में महिला/पत्नी पीड़ित लोग इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। शनिवार सुबह ऐक्टर्स सहित अलग-अलग फील्ड के लोगों ने मुंबई के आजाद मैदान में मेन टू मूवमेंट के सपॉर्ट में शांतिपूर्ण धरना दिया। इस धरने में पूजा बेदी सहित कई पुरुष अधिकारों के समर्थक ऐक्टिविस्ट भी शामिल थे। यह धरना कुछ महिलाओं द्वारा पुरुषों को कानून का गलत इस्तेमाल कर फंसाने के मामलों में जागरुकता लाने के लिए आयोजित किया गया था।
मीडिया सेे बातचीत करते हुए करण ओबेरॉय ने कहा, गलत तरीके से मुझे रेप का आरोपी बनाए जाने के बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं ऐसे मामलों में अकेला पीड़ित नहीं हूं। ऐसे बहुत से पुरुष हैं जिन्हें ऐसे जुर्म में आरोपी बनाया गया है जो उन्होंने कभी किया ही नहीं। मैं मेन टू मूवमेंट के सपॉर्ट में यहां आया हूं क्योंकि मुझे लगता है कि किसी को भी न्याय उसके जेंडर के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए। अगर कानून का गलत इस्तेमाल किया जाए तो कोई पुरुष भी पीड़ित हो सकता है।
यह धरना वास्तव फाउंडेशन नाम की संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। इस धरने में कई मशहूर लोग जैसे ऐक्टिविस्ट बरखा त्रेहन, अमित देशपांडे और थिअटर पर्सनैलिटी डॉली ठाकोर व अन्य लोगों ने समान अधिकारों की मांग की। कुछ दिनों पहले एक महिला ने टीवी ऐक्टर करण ओबेरॉय पर रेप और अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। इस मामले में करण को कई दिनों तक हिरासत में रहना पड़ा। करण को 7 जून को हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा किया गया था।

फेसबुक या कहीं भी शेयर करो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp

फेसबुक या कहीं भी शेयर करो