हॉन्ग कॉन्ग की जनता लोकतंत्र के समर्थन में लगातार सड़कों पर – सरकार का विरोध जारी, हवाई जहाजकी उड़ानें रद्द करनी पड़ीं

 

हॉन्ग कॉन्ग। भारत में मोदी सरकार लोकतंत्र को लगातार कुचलने मंे लगी है। लोगों को लोकतांत्रिकता से काटकर कट्टर/ फासीवाद समर्थक बनाया जा रहा है। लेकिन दुनिया भर में जनता अपने को अपने देश का नागरिक होने के नागरिक होने को समझ रही है और लोकतंत्र के लिए सरकारों से भिड़ रही है। नागरिकाबोध लिए यह लोकतंत्र सेनानी लगातार सरकार और सुरक्षा बलों के हमलों का मुकाबला कर रहे हैं। लोकतंत्र समर्थक हजारों प्रदर्शनकारियों के सोमवार को हॉन्ग कॉन्ग हवाई अड्डे पर उमड़ने के बाद यहां से विमानों का परिचालन रद्द कर दिया गया। उड़ानों से हवाई अड्डों पर उतरने वाले यात्रियों का स्वागत हजारों की संख्या में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने किया, जिन्होंने ‘आजादी के लिए लड़ाई’ के नारे लगाए। उनमें से ज्यादातर प्रदर्शनकारी काले कपड़ों में थे। रविवार रात प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पुलिस की गोलीबारी में एक महिला के चेहरे पर गंभीर चोट लगी थी। उसकी पहचान नहीं हो पाई है।
घटना में महिला की दृष्टि खोने की भी अफवाह है। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टरों में उसकी तस्वीर का इस्तेमाल किया, उसका चेहरा खून से लथपथ है। बैनर पर ‘आंख के बदले आंख’ लिखा हुआ है। एक प्रदर्शनकारी के हाथों में मौजूद तख्ती पर लिखा था, ‘हॉन्ग कॉन्ग हमारी हत्या कर रहा है। हॉन्ग कॉन्ग अब सुरक्षित नहीं रह गया है।’ हवाईअड्डे की दीवारें, खंभे और अवरोधक लाल रंग से लिखे पोस्टरों से अटे पड़े हैं, जिन पर ‘आंख के बदले आंख’ लिखा पढ़ा जा सकता है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा, ‘हॉन्ग कॉन्ग के लोगों को अवश्य ही आगे आना चाहिए और डरना नहीं चाहिए। प्रदर्शनकारी शुक्रवार से हवाई अड्डे पर धरना दे रहे हैं।
हवाईअड्डा अधिकारियों ने एक बयान में कहा, ‘यहां से जाने वाली वे उड़ानें, जिन्होंने ‘चेक-इन’ प्रक्रिया पूरी कर ली और दूसरे स्थानों से हांगकांग रवाना हो चुकी उड़ानों के अलावा आज यहां से उड़ान भरने वाले और यहां आने वाली सभी उड़ानों को रद्द किया जाता है।’ वहीं, चीन ने हॉन्ग कॉन्ग में पुलिस अधिकारियों पर पेट्रोल बम फेंकने वाले हिंसक प्रदर्शनकारियों की सोमवार को निंदा की और इस हिंसा को ‘आतंकवाद’ से जोड़ा।
स्टेट काउंसिल के हॉन्ग कॉन्ग और मकाऊ मामलों के कार्यालय के प्रवक्ता यांग गुआंग ने कहा, ‘हॉन्ग कॉन्ग के कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के लिए लगातार बेहद खतरनाक उपकरणों का इस्तेमाल किया है, जो पहले से ही एक गंभीर हिंसक अपराध है और यह आतंकवाद के उभरने का पहला लक्षण है।’
उन्होंने पेइचिंग में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यह हांगकांग के कानून के नियमों और सामाजिक व्यवस्था को ध्वस्त करता है।’ लोकतंत्र समर्थक हजारों प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों की चेतावनियों की अवहेलना करते हुए रविवार को लगातार 10वें सप्ताह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। हॉन्ग कॉन्ग पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे।

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