अर्थव्यवस्था के विनाशकारी रही मोदी दो सरकार, 100 दिन में शेयर बाजार में निवेशकों के डूबे 14 लाख करोड़ से अधिक, लाखों रोजगार गये, फैक्ट्रियां बंद हुईं उत्पादन तथा कारोबारी गतिविधियों को हुआ भारी नुक्सान !

 

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी अर्थव्यवस्था के लिए लगातार विनाशकारी साबित हुए हैं। 2014 में जब वे बने थे आंधी-पानी से गेहूं किसानों को भारी नुक्सान हुआ था। नोटबंदी और जीएसटी लागू कर उन्होंने खुद काम-धंधे और रोजगार का भट्ठा बिठा दिया था। अब जबकि अर्थव्यवस्था सबसे खराब हाल में है सरकार बेशर्मी से जश्न मना रही है और झूठे दावे कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों में कई मोर्चों पर सफलता गिना रही है, लेकिन इस दौरान शेयर बाजार को बड़े ही संकट के दौर से गुजरना पड़ा है। हालत यह है कि शेयर बाजार के निवेशकों को इस दौरान 14 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। लगातार दूसरी बार केंद्र में एनडीए की सरकार आने के बाद बाजार उत्साहित था, लेकिन कुछ ही दिनों में यह उत्साह काफूर हो गया और लगातार हो रही बिकवाली से निवेशकों की पूंजी में 14 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आ गई। कुल मिलाकर बीते 100 दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुए हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को दूर करने तथा उसे रफ्तार देने के लिए कई घोषणाएं कीं, लेकिन बिकवाली की आंधी में सब बेकार गया। विश्लेषकों का कहना है कि अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती चक्रीय है और यह खुद दूर होगा, लेकिन इसमें वक्त लगेगा। वे निवेशकों को संयम रखने तथा सुस्ती दूर होने तक इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई को दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी, तब से लेकर अब तक बंबई स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार करने वाले महज 14 फीसदी शेयर ही मुनाफा देने में कामयाब रहे हैं।

फेसबुक या कहीं भी शेयर करो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp

फेसबुक या कहीं भी शेयर करो