सच्चे और अच्छे देश प्रेमियों के लिए गर्व की बात, एनडीटीवी के रवीश को मिला रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार, मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की चमक बहुत फीकी है इस पुरस्कार के सामने !

 

मनीला। रवीश कुमार को मिला पुरस्कार बेहतरी के लिए है, हिंदी पत्रकारिता और भारत देश के भले के लिए। जबकि प्रधानमंत्री ने देश की साख, अर्थव्यवस्था, सामाजिक, राजनीतिक वातावरण को खराब किया है। रवीश पहले भी लाखों लोगों को बेहतरी के लिए अपनी जान हथेली पर रख कर प्रेरित करते रहे। 9 सितंबर हिंदी पत्रकारिता के लिए गर्व का दिन रहा, फिलीपींस की राजधानी मनीला में एनडीटीवी के मनैजिंग एडिटर रवीश कुमार को रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. इस मौके पर आयोजनकर्ताओं की ओर से रवीश कुमार के जीवन और पत्रकारिता करियर के बारे में बताया गया. पुरस्कार लेने के बाद रवीश कुमार ने वहां आए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, हर जंग जीतने के लिए नहीं लड़ी जाती… कुछ जंग सिर्फ इसलिए लड़ी जाती हैं, ताकि दुनिया को बताया जा सके, कोई है, जो लड़ रहा है…!
भारतीय पत्रकार रवीश कुमार को सोमवार को एशिया का नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले रेमन मैगसायसाय अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया ‘संकट’ की अवस्था में है और यह अचानक या आकस्मिक नहीं हुआ है बल्कि सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दिया गया है। रेमन मैगसायसाय अवॉर्ड के प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि भारत के प्रभावशाली टीवी पत्रकारों में एक रवीश कुमार (44 साल) अपनी खबरों में आम लोगों की समस्याओं को तरजीह देते हैं।
भारतीय पत्रकार रवीश कुमार को सोमवार को एशिया का नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले रेमन मैगसायसाय अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया ‘संकट’ की अवस्था में है और यह अचानक या आकस्मिक नहीं हुआ है बल्कि सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दिया गया है। रेमन मैगसायसाय अवॉर्ड के प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि भारत के प्रभावशाली टीवी पत्रकारों में एक रवीश कुमार (44 साल) अपनी खबरों में आम लोगों की समस्याओं को तरजीह देते हैं। फिलीपीन्स की राजधानी मनीला में पुरस्कार ग्रहण करते हुए कुमार ने कहा, ‘भारतीय मीडिया संकट की स्थिति में है और यह संकट एकाएक या आकस्मिक नहीं हुआ है बल्कि व्यवस्थित तरीके से इसे अंजाम दिया गया।’ उन्होंने कहा कि मीडिया में संकट का मूल्यांकन करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। कुमार समेत पांच लोगों को पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी।
साल 2019 के रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के अन्य विजेताओं में म्यांमा से को स्वे विन, थाइलैंड से अंगखाना नीलापिजीत, फिलीपीन से रेमोंडो पुजेंटे कयाबिब और दक्षिण कोरिया से किम जोंग की का नाम शामिल है। फिलीपीन के सर्वाधिक प्रतिष्ठित राष्ट्रपति रहे रेमन डेल फिएरो मैगसायसाय के नाम पर 1957 में इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी । द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद वह देश के तीसरे राष्ट्रपति थे। रेमन मैगसायसाय पुरस्कार एशिया का सर्वोच्च सम्मान है और हर साल एशिया के लोगों या संगठनों को दिया जाता है। बिहार के जितवारपुर गांव में जन्मे कुमार 1996 में टीवी चैनल से जुड़े थे और रिपोर्टर के तौर पर काम करते हुए आगे बढ़े। वह पत्रकारिता में सक्रिय हैं।

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