जनता को आर्थिक रूप से भिखारी बना देने पर आमादा मोदी सरकार, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पर देना होगा ज्यादा बीमा प्रीमियम

 

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी की सरकार का गुजरे करीब सवा पांच साल की कारगुजारी देख लें, इसने आम जनता को दुखी करने के ही काम किये हैं। उस दौर में जबकि अर्थव्यवस्था और रोजगार उपलब्धता रसातल में पहुंच चुकी है, लोग गुजर-बसर की चिंताओं से परेशान हैं यातायात उल्लंघन पर दस गुना ज्यादा जुर्माने को सख्ती से लागू किया गया है। जहां 50 प्रतिशत लोग दस हजार मासिक आय से कम वाले हैं, सरकारी स्तर पर खाद्यान्न, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीने की तमाम जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था बदहाल है, वहां 5-10-20 हजार का जुर्माना क्रूरता और लूटमार कही जानी चाहिए। इससे सरकार अपना खजाना भर रही है और बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने की परियोजना पर गंभीरता और जनता के साथ सख्ती से काम कर रही है। भारी-भरकम नई जुर्माना पॉलिसी से जूझ रहे लोगों को अब एक और झटका लगने वाला है। अब सरकार वाहनों के इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जोड़ने जा रही है, जिसके बाद अगर आपने नियम तोड़ा तो अगली बार आपको अपने वाहन के इंश्योरेंस के लिए ज्यादा प्रीमियम भरना पड़ेगा। केंद्र सरकार के आग्रह पर बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने एक कार्यसमिति का गठन किया है, जो मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जोड़ने को लेकर सिफारिश देगी।
इरडाई द्वारा छह सितंबर को जारी एक ऑर्डर के मुताबिक, इंश्योरेंस कंपनियां प्रीमियम बढ़ाने के फॉर्मूले के क्रियान्वयन के लिए राजधानी दिल्ली में एक पायलट प्रॉजेक्ट को अंजाम देंगी। कार्य समिति को इराडाई के आदेश के दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके बाद लापरवाही से वाहन चलाने वाले लोगों को दोगुना झटका लगेगा, क्योंकि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि पहले ही बढ़ा दी गई है।
इरडाई के ऑर्डर में कहा गया है कि इंश्योरेंस को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जोड़ने पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ड्राइवर का रवैया बदलेगा। ऑर्डर के मुताबिक, केंद्र सरकार मेट्रो तथा स्मार्ट शहरों में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर फोकस कर रही है। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में शामिल वाहनों के रजिस्टर्ड ऑनर्सध्ड्राइवर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए ऑटोमेटेड ट्रैफिक इन्फोर्समेंट तथा ई-चालान की व्यवस्था शुरू की गई है। इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के साथ जोड़ने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ड्राइवरों का रवैया बदलेगा।
मोटर वाहन अधिनियम में हालिया संशोधन के एक सितंबर, 2019 से लागू होने के बाद पहले ही लोगों को लापरवाही पर भारी जुर्माना देना पड़ रहा है। ऐसे में अगर लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेंगे तो उन्हें ज्यादा इंश्योरेंस प्रीमियम देना पड़ेगा।

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